जिल्लत भरी जिंदगी यूपी और बिहार की Jillat filled life of UP and Bihar

जिल्लत भरी जिंदगी यूपी और बिहार की Jillat filled life of UP and Bihar

उत्तर प्रदेश अथवा बिहार के लोगों की जिल्लत भरी जिंदगी देखना हो तो महाराष्ट्र(मुंबई) दिल्ली ,पंजाब,हरियाणा,राजस्थान,मध्यप्रदेश,गुजरात, जा कर देखिए वाहा के लोगों का बिहारियों के प्रति ,यूपी के लोगो के प्रति ,यूपी बिहार के राजनेताओं के प्रति कितनी घृणा प्रद सोच है ।

जिल्लत भरी जिंदगी यूपी और बिहार की Jillat filled life of UP and Bihar
 
जिल्लत भरी जिंदगी यूपी और बिहार की Jillat filled life of UP and Bihar

          और हो भी क्यों ना हम उसी के पात्र है हमे ऐसी सजा मिलनी ही चाहिए,महाराष्ट्र(मुंबई)में राज ठाकरे का का खुला बयान आता है की यूपी,बिहार,झारखंड,से रोज 48 ट्रेनें मुंबई आती है वो भी पूरा भर भर के और जाती है बिल्कुल खाली आखिर मुंबई कि भी एक कैपिसिटी है papulation कंट्रोल करने की ,हमारे लोगो को तो रोजगार मिलता नहीं ये लोग मुंह उठाए चले आते है आज महाराष्ट्र में झोपड़ पट्टी के ऊपर झोपड़पट्टी बन रही है,बाहर के लोग आकर यहां पर क्राइम करके चले जाते है,बाहर के कुछ लोग आकर यहां पर राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रहे है कुछ एरिया में अपना पैठ बना कर अपने लोगो को बसाकर राजनीत भी कर रहे मतलब उनका   इशारा सपा विधायक अबुआजमी के तरफ है।

दिल्ली में केजरीवाल का बयान

 

        दिल्ली में केजरीवाल का बयान यूपी बिहार के लोगों के प्रति कुछ ऐशा ही आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि” यूपी बिहार के लोग 500 सौ रुपए का टिकिट खरीद कर दिल्ली चले आते है और मुफ्त का इलाज करा कर चले जाते है आखिर हमारी भी कैपिसिटी है ,हम पूरे देश का इलाज तो नहीं करा सकते इसलिए वाहा पर भी मुफ्त अस्पताल बनने चाहिए ।

                उधर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान बीते सोमवार को शपथ लेने के दो घंटे के अंदर ही कमलनाथ ने बिहार और उत्तर प्रदेश (यूपी) के लोगों को मध्यप्रदेश की बेरोजगारी का कारण बताया। जिसके बाद उत्तर भारतीयों को मुद्दा फिर से उठकर सामने आ गया।  कुछ ऐसा ही है जिसमें कहा गया है कि हम अपने राज्यो के लोगो को रोजगार मुहैया करा सकते है पूरे देश के लोगो को रोजगार नहीं दे सकते नहीं तो केंद्र को अलग से पैकेज देना होगा मतलब उनका इशारा भी यूपी बिहार के तरफ ही है।

 

गुजरात में उत्तर भारतीयों की जिल्लत भरी जिंदगी

                 गुज रात में उत्तर भारतीयों पर कहर     दरअसल 28 सितम्बर 2018 को गुजरात के हिम्मतनगर गाँव के करीब 14 महीने की एक लड़की के साथ बलात्कार हुआ था इस बर्बर घटना को अंजाम देने के आरोप में  चीनी मिट्टी कारखाने में काम करने वाले एक मज़दूर राजेंद्र साहू को गिरफ्तार किया गया था बताया जा रहा था कि यह व्यक्ति बिहार से है और पीड़ित लड़की गुजरात के ठाकोर समाज से थी इसलिए इस घटना में अलपेस ठाकोर के संगठन का भी हाथ माना जा रहा था।

   इस घटना के बाद ही बिहारी और उत्तर भारतीय मज़दूरों पर हमले की घटनाएं शुरू  हो गई थी जिसके बाद उत्तर भारतीय मज़दूरों ने गुजरात छोड़ने पर मजबूर हो गए।

   

जिल्लत भरी जिंदगी यूपी और बिहार की Jillat filled life of UP and Bihar

 

 
जिल्लत भरी जिंदगी यूपी और बिहार की Jillat filled life of UP and Bihar

                गुजरात के एक बुद्धिजीवी और राजनीति के जानकार प्रोफेसर हेमंत शाह का कहाना था की “निश्चित ही एक बच्ची से बलात्कार की घटना हुई थी यह अत्यंत निंदनीय था। लेकिन उत्तर भारतीयों पर हमले की घटनाओं के कारण दूसरे थे। एक तो राज्य में बढ़ती हुई  बेरोज़गारी की स्थिति भयावह थी उस समय राज्य में 16 लाख युवा बेरोज़गार थे इसका मुख्य कारण ये भी  था। दूसरी बात यह है कि कई सालों तक नरेंद्र मोदी के मुख्य मंत्री रहते बीजेपी ने यह प्रचार फैलाया था कि गुजरात के लोगों के साथ अन्याय हुआ है एक कारण ये भी था जिससे क्षेत्रवाद की भावना को भड़काया गया,  इसके साथ ही स्थानीय राजनीति भी क्षेत्रवाद की रोटियाँ सेंक रही थी साथ ही यह कानून और व्यवस्था का भी मसला है और हमारे नेता लोग सिर्फ बयानबाजियों में ही उलझे रहे।

उत्तरप्रदेश की जनता के जिल्लत भरी जिंदगी में ओछी राजनीत का योगदान

           आखिर उत्तरप्रदेश एवम् बिहार के लोग जानना चाहते है की  यूपी बिहार के नेता नामर्द है ,क्या ये लोग यहां की जनता से सिर्फ वोट लेने के लिए राजनीत करते है ,क्या अन्य राज्यो के नेताओ की तरह इनके बाजुओं में दम नहीं है कि अपने राज्य को भी एक सस्कत राज्य बना सके, अपने लोगो को अपने राज्य में रोजगार दिला सके, डूब मरना चाहिए ऐसे नेताओ को जो सिर्फ भासडो में बड़ी बड़ी डिगे मरते फिरते है।

 

        जिन राज्यो में पथरीली जमीन जंगल झाड़ से पूरा राज्य पटा पड़ा है उनके पास अपना कोई उपजाऊ जमीन नहीं है दूसरे राज्यो का अनाज खा कर जी रहे है उस राज्य के राज नेता ऐसे राज्यो के नेताओ पर आज थूक रहे है जिन राज्यो ने अन्य राज्यो की सुरछा के लिए अपने जवानों की बलि चढ़ाता है, अपना अन्न पैदा करने की कैपिसिटी रखता है , यहां के लोग कठोर मेहनत करने से कभी पीछे नहीं हटते ,जहा की संस्कृति जय जवान जय किसान के नारे को चरितार्थ करती हो, बस कमी है तो कुछ रोजगार धंधे की जिसके प्रति कोई नहीं सोच रहा है सारी राजनीतिक  पार्टीयो की इच्छा साक़ती उसका जमीर मर चका है।

 

       यूपी बिहार की जनता पूरे देश की जनता के सामने बेवकूफ मानी जाती है क्यू की ये दो राज्य सिर्फ राजनीतिक आखाड़ा मात्र है तभी तो नरेंद्र मोदी गुजरात से आकर बनारस में एक बार नहीं दो दो बार आकर जीतते है और प्रधान मंत्री भी बनते है मगर यूपी की तरक्की जीरो पर है ,भारत के राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद,यूपी के रहने वाले है तरक्की जीरो मात्रा है ,वर्तमान से पीछे हट कर देखे  तो लालबहादुर सस्त्री, बाजपेई जी ,जवाहरलाल नेहरू,राजीव गांधी,सोनिया गांधी,राहुल गांधी,चंद्रशेखर जी,इत्यादि ऐसे अनेकों प्रधान मंत्री उत्तरप्रदेश से निकल कर आए परन्तु यहां की जनता को धोखा के सिवाय कुछ नहीं दे पाए, सिवाय जिल्लत भरी जिंदगी के ।

        हमारे यहां के लाखों लोग रोज अदर राज्यो के लिए पलायन करते है यदि ये नजारा देखना है तो यूपी बिहार से निकलने वाली ट्रेनों का नजारा देखिए  किस तरह जगह ना मिलने के कारण लोग ट्रेन के लेट्रिंग में बैठ कर सफर करने पर मजबूर है ट्रेन के अंदर कितनो को रोजगार का जरिया बनने वाले बेबस लाचार लोग खुद के रोजगार के लिए दर दर भटकते फिरते है अपने घर परिवार से दूर अदर राज्यो में इनके साथ एक जानवरो सा सलूक किया जाता है कभी मुंबई से मारकर भगाया जाता है तो कभी गुजरात से ।

महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के स्वाभिमान को ठेस

 

            मुंबई सरकार कहती है कि ये लोग यहां पर आकर क्राइम करते है, कम पैसे में काम करते है,दंगे भड़काते है,गंदगी फैलाते है,तो मै कहना चाहता हूं कि ये लोग करे भी तो क्या करे पेट की भूख जिल्लत भरी जिंदगी इंसान की इंसानियत को मार देती है साहब,इन्हे तो सिर्फ वोट लेने के लिए झासा दिया जाता है ,और सरकार बनने के बाद पेट के साथ साथ पिछवाड़े पर भी लात मारी जाती  है।

गोवा जैसे छोटे राज्यो की तरक्की में वाहा के दूरदर्शी नेतृत्व

      मै अभी हाल ही में गोवा का दौरा किया था वाहा पर मै देखा कुछ नहीं है सिवाय जंगल झाड़ पहाड़ के सबकुछ खाने पीने की वस्तुएं अदर राज्यो से निर्यात किया जाता है फिर भी वाहा के लोग सुखी एवम् सम्पन्न है ऐसा क्यों क्यू की गोवा भारत का सबसे फेमस टूरिस्ट प्लेस है यह पर इंटरनैशनल एयरपोर्ट , देश का सबसे बड़ा नेवी हैद क्वाटर है ,इसके आलावा  समुद्री बीच,यह सहर अरब सागर के किनारे  बसा है इसका मुख्य सहर वास्को डी गामा है यह सहर बिदेसी टूरिस्टों के लिए काफी लोक प्रिय है इस सहर को इतना लोक प्रिय कौन बनाया है यहां की जनता यहां के राज नेता।

अदर राज्यो में उत्तर भारतीयों का तिरस्कार

            अदर राज्यो के द्वारा हमारी जनता को कितना तिरस्कार सहना पड़ता है इसका अंदाजा इन नेताओ को कहा है ये लोग तो सिर्फ अच्छे दिन के सपने दिखा कर वोट की राजनीति करते है जिस राज्यो के दम पर केंद्र की सरकार चलती है उन राज्यो की जनता की दयनीय हालत देख कर कोई भी अंगुली उठायेगा और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं यहां की जनता है ।

              कोई बोलता है नया भारत का निर्माण हो रहा है कोई बोल रहा है नया उत्तरप्रदेश बन रहा है अगर कोई मारने वाला हो तो ऐसे नेताओ को जूता मरना चाहिए जिन्होंने इन राज्यो के जज्बातों से खेलते है तथा अपनी तिजोरी भरते है ।
     आवेश में आकर कुछ गलत लिखा गया हो तो माफ़ कीजिएगा but यही सच्चाई है।

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