बेस्ट कैंसर हॉस्पिटल टाटा मेमोरियल

बेस्ट कैंसर हॉस्पिटल टाटा मेमोरियल

 

बेस्ट कैंसर हॉस्पिटल टाटा मेमोरियल
बेस्ट कैंसर हॉस्पिटल टाटा मेमोरियल

 

भारत का बेस्ट कैंसर हॉस्पिटल टाटा मेमोरियल मुंबई में है जहा देश के सभी राज्यो से लोग आते है डाक्टर के अनुसार कैंसर को रोका जा सकता है खत्म नहीं कर सकते  ज्यादा मरीज तो कैंसर की दवा के साइड इफेक्ट से मर  जाते है

 

मेरे प्यारे दोस्तो आप लोगो को जानना चाहिए की आज के जमाने में हमारी लाइफ स्टाईल कितनी बदलती जा रही है आज हमारे पास जितना ज्यादा पैसा है उससे ज्यादा हम बीमार भी होते जा रहे है।

 

छोटी मोटी बीमारियां तो हम ठीक कर लेते है पर कैंसर एक ऐसा रोग है जहां हमारी मेडिकल साइंस भी जवाब दे देती है हमारे डॉक्टर्स कैंसर को रोक सकते है पर खत्म नहीं कर सकते।

 

आज आप लोगो को अपनी रहन सहन बदलना होगा  तथा साथ ही अपने खाने पीने के तौर तरीके को भी बदलना होगा  यदि ईश्वर की कृपा से हमारे पास ज्यादा धन है तो क्या हुआ हमें उस पैसे को फिजूल का खर्च नहीं करना चाहिए ।

 

आज के जमाने में हमारा समाज चाईनीज खाने में उलझता जा रहा है हम दो पैसा क्या कमा लेते है  अपना रुतबा दिखाने के लिए अपने रहन शहन को ताक पर रख कर फिजूल खर्चा करके अपने आप को सबसे अलग सबसे श्रेष्ठ लोगो की श्रेणी में रखते है उनको ये पता नहीं कि प्रकृति डंडा जब चलता है तो सारी अमीरी गरीबी धरे की धरे रह जाती है।

कैंसर के चपेट में ये महान हस्तियां

सोनाली बेंद्रे को ही ले लिजिय  उनके पास किस चीज की कमी है  कि उनको भी कैंसर हो गया  अगली हस्ती इरफान खान उनको भी कैंसर क्रिकेट की जानी मानी हस्तियों में गिने जाने वाले युवराज सिंह को कैंसर होगया, मुमताज को ब्रेस्ट कैंसर तो शाहरुख खान को 8 सर्जरी कराना पड़ा।

वहीं आयुष्मान खुराना की पत्नी को कैंसर,राकेश रोशन को गले का कैंसर, राजेश खन्ना को कैंसर,
विनोद खन्ना को कैंसर, नरगिस को कैंसर,फिरोज खान को कैंसर,गोवा के सीएम मनोहर परिकर को को कैंसर,शरदपवार को कैंसर,ये वो लोग हैं या थे जिनके पास पैसे की कोई कमी नहीं थी।

 

ये वो लोग है जो  हमेशा  मॉर्डन खाना  खाते है।
दूध भी ऐसी गाय या भैंस का पीते हैं
जो AC में रहती है  और   पानी भी बंद बोतल का पीते हैं रोज जिम भी जाते है चेहरा
रेगुलर शरीर के सारे टेस्ट भी करवाते है।
सबके पास अपने हाई क्वालिफाइड डॉक्टर है।
अब सवाल उठता है कि आखिर
अपने शरीर की इतनी देखभाल के बावजूद भी इन्हें इतनी गंभीर बीमारी अचानक कैसे हो गई।

क्योंकि ये प्राकृत के चीजों का इस्तेमाल
बहुत कम करते है या मान लो बिल्कुल भी नहीं करते
जैसा हमें प्रकृति ने दिया है , उसे उसी रूप में ग्रहण करो वो कभी नुकसान नहीं करती।

हम कितना भी फ्रूटी पी ले  वो शरीर को आम के गुण नहीं दे सकता अगर हम इस धरती को प्रदूषित ना करते तो धरती से निकला पानी भी बोतल बन्द पानी से लाख गुना अच्छा था।

कृत्रिम पदार्थो का परिणाम  कैंसर 

आप एक बच्चे को जन्म से ऐसे स्थान पर रखिए जहां एक भी कीटाणु ना हो।
बड़ा होने के बाद उसे सामान्य जगह पर रहने के लिए छोड़ दो, वो बच्चा एक सामान्य सा बुखार भी नहीं झेल पाएगा!

क्योंकि उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कीटाणुओ से लड़ने तैयार  ही नही हो पाई है बड़ी बड़ी कंपनियों ने लोगो को इतना डरा रखा है की
मानो एक दिन साबुन से नहीं नहाओगे तो पहाड़ टूट जयगा   शाम तक पक्का मर जाओगे।

समझ नहीं आता हम कहां जी रहे है। एक दूसरे से हाथ मिलाने के बाद लोग सेनिटाइजर लगाते हुए देखे जाते है लोग सोच रहे है की हम पैसों के दम पर जिंदगी खरीद लेंगे वो ये भूल जाते है कि जिस पैसे से हम अपना संसाधन खरीद रहे कहीं ना कहीं अपनी जिंदगी में गंभीर बीमारियों का न्योता दे रहे है।

 

आपने कभी गौर किया है पिज़्ज़ा बर्गर वाले शहर के लोगों की एक बुखार में धरती घूमने लगती है और वहीं दूध दही छाछ के शौकीन गांव के बुजुर्ग लोगों का वही बुखार बिना दवाई के ठीक हो जाता है।

क्योंकि उनका डॉक्टर प्राकृतिक धूप छाव प्राकृतिक हवा है  वे पहले से ही सादा खाना खाते आए है खुले में सोना नंगे पाव चलना उनके आदत में सुमार है इसलिए प्राकृत की इज्जत कीजिए deshila प्रोडक्ट  इस्तेमाल कीजिए।

 

अपने शरीर का अथवा अपने देश के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दीजिए प्राकृतिक चीजों को अपनाओ विज्ञान के द्वारा लैब में तैयार
हर एक वस्तु शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।

              पैसे से कभी भी स्वास्थ्य और खुशियां नहीं खरीदी जा सकती है जब मै देश के सबसे बेस्ट कैंसर हॉस्पिटल tata memoriyal मुंबई में दौरा किया था।

 

वाहा देखा ,अस्पताल के आंकड़े के अनुसार हर साल देश में लगभग 45000 से ज्यादा नए कैंसर पेशेंट का इजाफा हर शाल हो रहा है ।

इसका मुख्य कारण, दुसित खान पान आधुनिक रहन सहन सामने आया ।

और ज्यादा पसेंट का इजाफा उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश  बंगाल  का आ रहा है क्योंकि वाहा पर पैसों की तो कमी है परन्तु उचे स्टेटस के दिखावे में हम सस्ती आधुनिक चीजों का इस्तेमाल ज्यादा करते है।

जैसे की थैली में गरम चाय,थर्मोकोल के प्लेट में गरम पदार्थ का सेवन रीफैन ऑयल में पकवान पूजा पाठ में घर के अंदर अगरबत्ती का इस्तेमाल,इत्यादि।


            कैंसर का मुख्य 03 इलाज cancer ka mukhya 03 ilaaj

डाक्टरों एवम् बिसेषज्ञो के अनुसार कैंसर मुख्यतः तीन इलाज है

01 केमोथिरिपी  chemotherapy

02 रेडियोथेरेपी radiotherapy

03 सर्जरी surgery

कैंसर का मुख्य यही तीन इलाज है जिसका side effect को कोई कोई मरीज सहन नहीं कर पाता है और उसकी मौत हो जाती है ।

कीमोथेरेपी का साइड इफेक्ट patient के शरीर से वाल का झड़ जाना उल्टी एवम् दस्त शरीर का काला पड़ जाता है।

रेडियो थेरेपी के माध्यम से मुख्य इलाज में पेशेंट के शरीर में जिस जगह पर कैंसर सेल होता रेडियेशन द्वारा मरा जाता है।

सर्जरी को तो हम सभी जानते है कि जहां पर कैंसर सेल होता है उस जगह को काट कर निकाल दिया जाता है

इसलिए हमे अपने आपको इन आधुनिक चीजों का बहिष्कार करना होगा और पूर्ण रूप से इन केमिकल युक्त पदार्थ,का इस्तेमाल रोकना होगा तभी हम एक स्वस्थ एवम् हेल्दी समाज का निर्माण कर पाएंगे।

Thanks स्वस्थ रहिए खुश हाल रहिय और हेल्थ से रिलेटेड पोस्ट के लिए हमारे बेवसाइट को फॉलो कीजिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *